प्रफुल्ल तलेरा की धर्मसहायिका प्रिया तलेरा ने आयंबिल से श्रेणी तप जैसी कठोर तपस्या पूर्ण की

आयंबिल से श्रेणी तप की कठोर साधना पूर्ण, प्रिया तलेरा ने बढ़ाया थांदला का गौरव

तत्वज्ञ धर्मेंद्रमुनिजी म. सा. एवं संत मंडल ने तपस्वी की अनुमोदना कर दिया साधुवाद, श्रीसंघ ने किया बहुमान

थांदला (सम्यक दृष्टि न्यूज़, मिलिंद कोठारी) आचार्य श्री उमेशमुनिजी म. सा. के सुशिष्य, धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म. सा. के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म. सा., रोचक वक्ता श्री संदीपमुनिजी म. सा. आदि ठाणा-8 तथा साध्वीश्री निखिलशीलाजी, दिव्यशीलाजी आदि ठाणा-4 के सानिध्य में थांदला में तप-आराधना का क्रम निरंतर जारी है। इसी क्रम में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के युवा उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तलेरा की धर्मसहायिका प्रिया तलेरा ने आयंबिल से श्रेणी तप जैसी कठोर तपस्या पूर्ण कर परिवार, समाज और थांदला धर्मनगरी का गौरव बढ़ाया।

तपस्वी प्रिया तलेरा पूर्व में भी अनेक तपस्याएं कर चुकी हैं। श्रेणी तप जैसी उग्र तपस्या पूर्ण करना उनके दृढ़ संकल्प, संयम और आत्मबल का परिचायक है। तपस्या पूर्ण होने पर आयोजित बहुमान समारोह में श्रावक-श्राविकाओं ने उत्साहपूर्वक शामिल होकर तपस्वी की अनुमोदना की।

अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी है तप आराधना

धर्मसभा में वक्ताओं ने कहा कि जब किसी परिवार में श्रेणी तप जैसी उग्र तपस्या होती है तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहता। तलेरा परिवार की बहू प्रिया तलेरा ने जिस दृढ़ता और श्रद्धा के साथ यह कठोर तप पूर्ण किया है, वह अनुमोदनीय होने के साथ ही समाज के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी है। तप के माध्यम से आत्मशुद्धि और कर्मनिर्जरा का मार्ग प्रशस्त होता है।

संतों ने की तपस्वी की अनुमोदना

बहुमान समारोह में तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म. सा. एवं रोचक वक्ता श्री संदीपमुनिजी म. सा. ने तप की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए तपस्वी प्रिया तलेरा की कठोर साधना की अनुमोदना की। संतों ने तपस्वी को खूब-खूब धन्यवाद एवं साधुवाद देते हुए कहा कि तप केवल शरीर को साधने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आत्मा को जागृत करने और कर्मों की निर्जरा का महत्वपूर्ण माध्यम है। मुनि मंडल ने इस कठिन तपस्या में सहयोग एवं प्रेरणा देने वाले परिवारजनों को भी साधुवाद दिया।

इस अवसर पर श्रीसंघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया ने अपने विचार व्यक्त करते हुए तपस्वी की साधना की अनुमोदना की। उन्होंने कहा कि धर्म और तप की आराधना से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा तपस्वियों की साधना अन्य श्रावक-श्राविकाओं को भी धर्ममार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

तप की बोली तप से लगाकर किया बहुमान

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से तप की बोली तप से लगवाकर श्रेणी तप तपस्वी प्रिया तलेरा का बहुमान किया गया तथा अभिनंदन पत्र भेंट किया गया। इसके साथ ही नगर के विभिन्न परिवारों एवं संस्थाओं द्वारा भी तपस्वी का सम्मान कर तप की अनुमोदना की गई।

बहुमान समारोह के दौरान धर्मसभा में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने मुक्त कंठ से तपस्वी के जयकारे लगाए। वातावरण भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण हो गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीसंघ सचिव हितेश शाहजी ने किया।

वर्षावास के दौरान थांदला में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उत्साह एवं जिज्ञासा के साथ धर्म, तप और आराधना में रमण कर रहे हैं। अनेक तपस्वी विभिन्न प्रकार की तपस्याओं के माध्यम से आगे बढ़ते हुए मासक्षमण तप की ओर अग्रसर हो रहे हैं। धर्मनगरी में चल रही यह तप आराधना श्रद्धा, संयम और आत्मसाधना की प्रेरणादायी मिसाल बन रही है।

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