कक्षा में पहुंचे एसडीएम बच्चों से सीधे सवाल, अंग्रेजी-गणित के प्रश्न हल करवाकर परखी शैक्षणिक गुणवत्ता
मेन्यू से अलग भोजन मिलने पर जताई नाराजगी, शौचालय सुधारने और ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के निर्देश
कक्षा में पहुंचे एसडीएम, बच्चों से पूछे सवाल
निरीक्षण के दौरान प्राचार्य एवं शिक्षक उपस्थित रहे। एसडीएम ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, विषयों की समझ और प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने के लिए नियमित अभ्यास, व्यक्तिगत ध्यान और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस जरूरी है।
निर्धारित मेन्यू की जगह बना था कढ़ी-चावल
मध्याह्न भोजन व्यवस्था की जांच के दौरान एसडीएम ने पाया कि निर्धारित मेन्यू में मूंग की दाल, रोटी एवं हरी सब्जी शामिल थी, लेकिन विद्यालय में इसके स्थान पर कढ़ी-चावल बनाए गए थे। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए मध्याह्न भोजन समूह एवं प्राचार्य को शासन के निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा।
शौचालयों की स्थिति सुधारने के निर्देश
विद्यालय के शौचालयों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर एसडीएम ने आवश्यक मरम्मत और साफ-सफाई करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ विद्यालय में स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिलना भी जरूरी है।
छह ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर जोर
निरीक्षण में विद्यालय के छह विद्यार्थियों के ड्रॉपआउट होने की जानकारी सामने आई। प्राचार्य ने बताया कि ये बच्चे वर्तमान में गांव में निवास नहीं कर रहे हैं और उनसे संपर्क किया जा रहा है। एसडीएम ने निर्देश दिए कि बच्चों एवं उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें जहां भी वे निवास कर रहे हैं, वहां के निकटतम विद्यालय में प्रवेश दिलाकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय और प्रयोगशाला हों नियमित सक्रिय
विद्यालय में स्मार्ट क्लास के बोर्ड उपलब्ध होने पर एसडीएम ने उन्हें शीघ्र स्थापित करवाकर स्मार्ट क्लास का नियमित संचालन शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला को भी सक्रिय रूप से संचालित करने पर जोर दिया, ताकि विद्यार्थी उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम लाभ उठा सकें।
शिक्षा के साथ व्यवस्थाओं पर भी रहे नजर
एसडीएम भास्कर गाचले ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने प्राचार्य एवं शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उपस्थिति, स्वच्छता और विद्यालयीन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करने तथा कमियों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण का उद्देश्य केवल कमियां चिन्हित करना नहीं, बल्कि विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाकर विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करना रहा।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla


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