“धर्म कोई धंधा नहीं, लेकिन धंधे में धर्म जरूर होना चाहिए।”
प्रत्येक आत्मा में अनंत शक्ति विद्यमान है, बस उसे जागृत करने की आवश्यकता है
शांति-समाधि के लिए कई बार मौन रहना भी जरूरी
समर्पण ही भक्ति है और भक्ति ही समर्पण है
विकासखंड स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता
तप की बोली तप से लगाकर किया बहुमान
भक्ति के लिए मन, वचन और काया के साथ भावों का जुड़ना आवश्यक है
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