शांति आत्मा का मूल स्वभाव है, लेकिन क्रोध और कषायों के संपर्क में आकर व्यक्ति अपनी शांति खो देता है।
पेटलावद थाने में परंपरागत विधि-विधान से हुआ शस्त्र पूजन
आगम में अनाज को भी औषधि के समान महत्व दिया गया है।
परमात्मा की प्राप्ति आत्म जागरण से ही संभव है
पारंपरिक विजयादशमी मवेशी मेला इस वर्ष भी उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा
झाबुआ पुलिस द्वारा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई
जिस व्यक्ति ने जीवन जीने की सही कला सीख ली, उसका जीवन स्वयं ही सुंदर बन जाता है। मनुष्य को अपने सुख के साथ-साथ दूसरों के सुख का भी ध्यान रखना चाहिए।
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