जीवन में किसी भी व्यक्ति या वस्तु के प्रति अत्यधिक मोह नहीं रखना चाहिए।
श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से सभी तपस्वियों का सम्मान किया गया
मनुष्य को बच्चों की चिंता करने के साथ-साथ अपने जीवन और आत्मकल्याण की चिंता भी करनी चाहिए।
विद्यार्थियों की समस्याओं का तत्काल निराकरण करने पर दिया जोर
प्रवर्तकश्री ने कहा कि कषायों की मंदता उनके जीवन की विशेषता है।
सौभाग्य कला महोत्सव में बच्चों ने बिखेरे कला और प्रतिभा के रंग
अतिक्रमण और खुले में मांस-मटन की दुकानों का मुद्दा
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