तपस्वी पूज्य मुनिराज श्री पीयूषचन्द्र विजयजी एवं श्री रजतचन्द्र विजयजी के सानिध्य में हुआ भव्य आयोजन
सर्वसुविधायुक्त छात्रावास आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा को नई दिशा देने वाला साबित होगा
अतिक्रमण विरोधी अभियान
राम के क्षमा गुण और रावण की तीन शिक्षाओं से दिया विवेकपूर्ण जीवन का संदेश
जीवन को धर्ममय बनाने की प्रेरणा
चंद्रेशमुनिजी, पावनमुनिजी एवं जिनांशमुनिजी का भव्य मंगल प्रवेश
प्रत्येक माह एक उपवास का संकल्प
". "div"