जब अच्छा समय नहीं रुकता तो बुरा समय भी नहीं रुकेगा, वह भी निकल जाएगा
थांदला गौरव तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी के सानिध्य में तप की अनुपम आराधना
“खुश रहना सीख गए तो नए कर्मों के बंधन से बच सकते हैं।”
तपोमूर्ति पूज्य श्री चंद्रयशाजी म.सा. की 61 उपवास की कठोर तपस्या के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम
ज्ञान का प्रभाव जीवन के आचरण में दिखाई नहीं देता, तब तक उसका वास्तविक लाभ प्राप्त नहीं होता
“धर्म कोई धंधा नहीं, लेकिन धंधे में धर्म जरूर होना चाहिए।”
प्रत्येक आत्मा में अनंत शक्ति विद्यमान है, बस उसे जागृत करने की आवश्यकता है
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