थांदला (सम्यक दृष्टि, मिलिंद कोठारी) तप आत्मशुद्धि और कर्मनिर्जरा का श्रेष्ठ माध्यम है। जब किसी परिवार में उग्र तपस्या होती है तो पूरे परिवार के साथ समाज में भी उत्साह और आनंद का वातावरण बन जाता है। कम उम्र में मासक्षमण जैसी कठोर तपस्या पूर्ण करना अनुमोदनीय होने के साथ ही समाज के लिए अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। इसी भाव के साथ शाहजी परिवार की तपस्वी डा. गोल्डी प्रदीप शाहजी ने थांदला गौरव तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म.सा. के सानिध्य में 30 उपवास की कठोर तपस्या पूर्ण की। इसके साथ ही वर्षावास के दौरान थांदला श्रीसंघ में 16वां मासक्षमण पूर्ण हुआ।
तपस्या पूर्ण होने पर तपस्वी डा. गोल्डी शाहजी की निवास स्थान से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए। श्रद्धालु श्रमण भगवान महावीर स्वामी, आचार्य श्री उमेशमुनिजी म.सा., प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म.सा., तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म.सा. तथा तपस्वी के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होती हुई नयापुरा स्थित जैन मंदिर पहुंची, जहां श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ की ओर से तपस्वी का बहुमान किया गया। इसके बाद यात्रा पौषध भवन पहुंचकर बहुमान समारोह में परिवर्तित हो गई।
धर्मसभा में तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म.सा. एवं रोचक वक्ता श्री संदीपमुनिजी म.सा. ने तप की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए डा. गोल्डी शाहजी की 30 उपवास की तपस्या की अनुमोदना की तथा उन्हें साधुवाद दिया। मुनि एवं साध्वी मंडल ने तपस्या में सहयोग करने वाले तपस्वी के परिवार की भी सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
आचार्य श्री उमेशमुनिजी म.सा. के सुशिष्य, धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्रमुनिजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्रमुनिजी म.सा., रोचक वक्ता श्री संदीपमुनिजी म.सा. आदि ठाणा-8 तथा साध्वीश्री निखिलशीलाजी, दिव्यशीलाजी आदि ठाणा-4 के सानिध्य में तप आराधना का क्रम निरंतर जारी है। श्रीसंघ के सदस्य अपनी शक्ति के अनुसार तपस्या में सहभागी बनकर कर्मों की निर्जरा कर रहे हैं।
सभा में तपस्वी के परिवार की ओर से ताल श्रीसंघ के युवा सचिव कमल पितलिया ने भी विचार रखे, जबकि अणु नवयुवक मंडल के अनमोल भरगट ने स्तवन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीसंघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया ने किया। प्रभावना का लाभ प्रकाशचंद्र-रोहित कुमार सकलेचा परिवार, नलखेड़ा ने लिया।
तप की बोली तप से लगाकर किया बहुमान
श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से तप की बोली तप से लगाकर तपस्वी डा. गोल्डी शाहजी का शॉल ओढ़ाकर एवं माला पहनाकर बहुमान किया गया। विभिन्न परिवारों एवं संस्थाओं ने भी तपस्वी का सम्मान कर तप की अनुमोदना की। धर्मसभा में श्रावक-श्राविकाओं ने मुक्त कंठ से तपस्वी के जयकारे लगाए। स्वामीवात्सल्य का लाभ मालती शाहजी परिवार ने लिया। दोपहर में पौषध भवन पर चौवींसी का आयोजन किया गया।




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