आईटीआई में विद्यार्थियों को मिले गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, संसाधनों की कमी दूर करने के निर्देश : एसडीएम गाचले
थांदला (सम्यक दृष्टि न्यूज) शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) थांदला में विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एसडीएम भास्कर गाचले ने संस्थान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आईटीआई में संचालित विभिन्न ट्रेडों, प्रशिक्षण कक्षों, उपलब्ध संसाधनों तथा संस्थागत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आईटीआई के प्राचार्य एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
छह ट्रेडों की प्रशिक्षण व्यवस्था देखी
एसडीएम गाचले ने आईटीआई में संचालित छह ट्रेडों का बारीकी से निरीक्षण किया। इनमें कंप्यूटर, शॉर्टहैंड, सिलाई, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डिंग सहित अन्य ट्रेड शामिल हैं। उन्होंने प्रत्येक ट्रेड के प्रशिक्षण कक्ष में पहुंचकर वहां विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही प्रशिक्षण सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही प्रशिक्षण के लिए उपयोग किए जा रहे उपकरणों एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता और स्थिति भी देखी।
विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके द्वारा चुने गए ट्रेड, प्रशिक्षण की स्थिति, प्रायोगिक अभ्यास, उपलब्ध सुविधाओं तथा प्रशिक्षण के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी प्रशिक्षण से संबंधित अपनी आवश्यकताओं एवं समस्याओं से एसडीएम को अवगत कराया।
एसडीएम ने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आईटीआई में आने वाले विद्यार्थी अपने भविष्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, इसलिए उन्हें संस्थान में पर्याप्त सुविधाएं मिलना जरूरी है।
स्टाफ और संसाधनों की कमी पर तत्काल मांग पत्र बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान संस्थान में स्टाफ एवं आवश्यक संसाधनों की कमी का मामला सामने आया। इस पर एसडीएम गाचले ने आईटीआई प्राचार्य को निर्देश दिए कि आवश्यक स्टाफ एवं संसाधनों की पूर्ति के लिए तत्काल मांग पत्र तैयार कर संबंधित स्तर पर भेजा जाए। उन्होंने कहा कि संस्थान की आवश्यकताओं को स्पष्ट रूप से चिन्हित कर प्रस्ताव भेजें, ताकि उपलब्ध कमियों को दूर करने की दिशा में कार्रवाई की जा सके।
व्यावहारिक प्रशिक्षण पर दिया जोर
एसडीएम ने कहा कि केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित रहने के बजाय विद्यार्थियों को अपने-अपने ट्रेड का पर्याप्त व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को मशीनों, उपकरणों और आधुनिक तकनीक के उपयोग की जानकारी दी जाए, जिससे वे वास्तविक कार्यक्षेत्र में आने वाली परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकें।
उन्होंने प्रशिक्षण स्टाफ से भी कहा कि विद्यार्थियों की रुचि एवं आवश्यकता के अनुसार उन्हें ट्रेड से संबंधित आधुनिक तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। प्रशिक्षण ऐसा हो, जिससे विद्यार्थी आईटीआई की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकें।
युवाओं को हुनरमंद बनाने में आईटीआई की महत्वपूर्ण भूमिका
एसडीएम गाचले ने कहा कि आईटीआई युवाओं को हुनरमंद बनाने और उन्हें रोजगार से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध होते हैं। ऐसे में संस्थान में प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण, पर्याप्त संसाधन और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। संस्थान की व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाने के साथ विद्यार्थियों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए।
रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार होंगे विद्यार्थी
एसडीएम ने कहा कि आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थी यदि अपने ट्रेड में दक्षता हासिल करते हैं तो वे विभिन्न औद्योगिक एवं निजी संस्थानों में रोजगार प्राप्त करने के साथ स्वयं का व्यवसाय भी शुरू कर सकते हैं। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों में तकनीकी दक्षता के साथ कार्य करने का आत्मविश्वास विकसित करना भी जरूरी है।
उन्होंने संस्थान प्रबंधन को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों के प्रशिक्षण में आने वाली कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं, ताकि शासकीय आईटीआई थांदला क्षेत्र के युवाओं को बेहतर तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने वाला प्रभावी केंद्र बन सके।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla



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