एसपी देवेन्द्र पाटीदार के निर्देशन में हुई जांच

हरिराम हत्याकांड में पुलिस का खुलासा, दो आरोपित गिरफ्त में; मुख्य आरोपित अब भी फरार

सम्यक दृष्टि न्यूज़ (जितेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट)

पेटलावद दो अगस्त की रात पेटलावद में हुए हरिराम गेहलोत हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का पुलिस ने दावा किया है। मामले में पुलिस ने अर्जुन उर्फ राजू भूरिया निवासी छोटा माछलिया और एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया है। घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन, हथियार और कपड़े भी जब्त किए गए हैं। हालांकि, मामले का मुख्य आरोपित बताया जा रहा देवा उर्फ देवीलाल सिंगाड अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिससे पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।

एसपी देवेन्द्र पाटीदार के निर्देशन में तेज हुई जांच, फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपितों तक पहुंची पुलिस:

पुलिस के अनुसार 2 अगस्त की रात फरियादिया भुलीबाई निवासी अटल बस्ती पेटलावद ने थाना पेटलावद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसके परिचित हरिराम पिता गोमाजी गेहलोत निवासी धुलेट, जिला धार के साथ देवा सिंगाड, उसके साथियों एवं एक विधि-विरुद्ध बालक द्वारा कथित रूप से मारपीट की गई थी। गंभीर चोटों के कारण हरिराम की मौत हो गई। मामले में थाना पेटलावद पर अपराध क्रमांक 349/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए झाबुआ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। उनके निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया एवं एसडीओपी पेटलावद सुश्री अनुरक्ति साबनानी के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया के नेतृत्व में टीम ने जांच आगे बढ़ाई। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अर्जुन उर्फ राजू भूरिया निवासी छोटा माछलिया एवं एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से बढ़ी सनसनी, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र से पुलिस ने बढ़ाई जांच:

पुलिस के मुताबिक घटना के बाद कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद पेटलावद सहित राजगढ़ और धुलेट क्षेत्र में घटना को लेकर भय और सनसनी का माहौल बना।

विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की। पुलिस के अनुसार देवा उर्फ देवीलाल सिंगाड निवासी संजय कॉलोनी, राजगढ़, जिला धार के संबंध में जानकारी जुटाई गई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके विरुद्ध पूर्व में 13 अपराध पंजीबद्ध होना बताया गया है।

पुलिस की अब तक की विवेचना के अनुसार देवा सिंगाड के फरियादिया भुलीबाई के साथ लंबे समय से संबंध होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक देवा ने ही फरियादिया को पेटलावद में मकान किराये पर दिलवाने और उसके खर्च की व्यवस्था करने में मदद की थी। विवेचना में सामने आया कि देवा को संदेह था कि हरिराम के भी भुलीबाई के साथ संबंध हैं। इसी संदेह के चलते देवा फरियादिया के घर पहुंचा, जहां हरिराम मिला। इसके बाद कथित रूप से हरिराम और फरियादिया के साथ मारपीट की गई। गंभीर चोटों के कारण हरिराम की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपितों द्वारा मृतक के धुलेट स्थित घर जाकर उसके परिजनों को डराने-धमकाने और घटना का वीडियो दिखाने की बात भी सामने आई है।

दो आरोपित पुलिस की अभिरक्षा में, मुख्य आरोपित अब भी फरार; गिरफ्तारी को लेकर बड़ा सवाल बरकरार:

मामले में पुलिस ने अर्जुन उर्फ राजू भूरिया निवासी छोटा माछलिया एवं एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया है, जबकि मुख्य आरोपित बताए जा रहे देवा उर्फ देवीलाल सिंगाड की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।सवाल अब भी बरकरार है कि जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के आधार पर अन्य आरोपितों तक पहुंच बना ली है, तो मुख्य आरोपित देवा सिंगाड अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर क्यों है? आखिर सभी आरोपितों की गिरफ्तारी कब होगी? क्या पुलिस मुख्य आरोपित को जल्द गिरफ्तार कर पाएगी? हत्याकांड जैसे गंभीर मामले में अब मृतक के परिवार और क्षेत्र के लोगों की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर हैं।

पुलिस टीम का सराहनीय योगदान:

प्रकरण के सफल अनुसंधान एवं आरोपितों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, उप निरीक्षक गोवर्धन मकवाना, उप निरीक्षक राजाराम भगोरा, सउनि लाखनसिंह भाटी, सउनि महेन्द्रसिंह पटेल, प्रधान आरक्षक 497 पवन चौहान, प्रधान आरक्षक 111 विजय शर्मा, प्रधान आरक्षक 255 अरविन्द बारिया, प्रधान आरक्षक 527 अनिल अमलियार, आरक्षक 259 राजेन्द्र परिहार, आरक्षक 142 कैलाश मोयल, आरक्षक 227 महेन्द्र चन्देल, आरक्षक 377 प्रकाश भगोरा, आरक्षक 191 राहुल, आरक्षक 343 घनश्याम मालवीय, आरक्षक 282 राकेश डामोर एवं चालक आरक्षक मोतीलाल डिण्डोर की विशेष भूमिका रही।।

Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla 



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