मालव केसरी की 42वीं पुण्यतिथि पर श्री सौभाग्य तीर्थ में उमड़ा गुरुभक्तों का तांता
माता-पिता, गुरु, परमात्म वाणी, संघ और संयम के प्रति पूर्ण समर्पित थे मालव केसरी — श्रमण संघीय प्रवर्तक श्री प्रकाशमुनिजी म.सा.
रतलाम (सम्यक दृष्टि न्यूज़) सागोद रोड स्थित श्री सौभाग्य तीर्थ में मालव केसरी, जैन सुधाकर एवं श्रमण संघ के मूर्धन्य सूत्रधार पूज्य गुरुदेव श्री सौभाग्यमलजी म.सा. की 42वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और तप-त्याग के साथ मनाई गई। पुण्य स्मृति दिवस पर देश-प्रदेश के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में गुरुभक्त श्री सौभाग्य तीर्थ पहुंचे। श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य श्री प्रकाशमुनिजी म.सा. निर्भय सहित संत एवं महासती मंडल की पावन निश्रा में जाप एवं विशाल गुणानुवाद सभा का आयोजन हुआ।
विनय-विवेक से सबको जीत लेते थे गुरुदेव, संघ की मजबूती में योगदान अनुकरणीय
गुणानुवाद सभा में श्रमण संघीय प्रवर्तक श्री प्रकाशमुनिजी म.सा. ने मालव केसरीजी का गुणानुवाद करते हुए कहा कि गुरुदेव का माता-पिता, गुरु, परमात्म वाणी, संघ और संयम के प्रति समर्पण अद्भुत था। वे विनय और विवेक से सबको जीत लेते थे। उनकी वाणी में माधुर्य और व्यवहार में सरलता थी, जो हर व्यक्ति को अपना बना लेती थी। संघ की मजबूती के लिए उनका योगदान अनुकरणीय है। प्रवर्तकश्री ने गुरुदेव के आत्मसंयम को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए श्री सौभाग्य तीर्थ में उनकी स्मृति में होने वाले निर्माण एवं अन्य सेवा कार्यों पर भी प्रकाश डाला।
भव्य चल समारोह में गूंजे गुरुदेव के जयकारे, देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
इससे पूर्व सुबह नोलाईपुरा स्थित श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल स्थानक से भव्य चल समारोह निकाला गया। श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल ट्रस्ट, श्री सौभाग्य जैन साधना एवं जनकल्याण परिसर, श्री सौभाग्य अणु भक्त मंडल, श्री सौभाग्य जैन नवयुवक मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश युवक मंडल, श्री सौभाग्य जैन महिला मंडल, श्री सौभाग्य अणु बहु मंडल, श्री सौभाग्य प्रकाश बालिका व बालक मंडल एवं चातुर्मास समिति के तत्वावधान में निकले चल समारोह में गुरुभक्त जयकारे लगाते हुए शामिल हुए। चल समारोह बाजना बस स्टैंड पहुंचा, जहां से गुरुभक्त मैजिक वाहनों से सागोद रोड स्थित श्री सौभाग्य तीर्थ पहुंचे। तीर्थ परिसर में रतलाम सहित देश-प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए अनेक श्री संघों ने गुरुभक्ति का लाभ लिया।
साध्वी मंडल ने स्तवन प्रस्तुत कर मालव केसरीजी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूज्य गुरुदेव ने देशभर में विचरण कर धर्म की प्रभावना की। वे अत्यंत पुण्यवान आत्मा थे। उन्होंने श्रमण संघ का निर्माण कर सभी को एक सूत्र में पिरोया। उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
तप-त्याग की आराधना से दी श्रद्धांजलि, 66 परिवारों ने बांटी प्रभावना
गुणानुवाद सभा में प्रवर्तक श्री प्रकाशमुनिजी म.सा. के साथ मधुर गायक श्री दर्शनमुनिजी म.सा. ठाणा-2, महासती मधुर गायिका चंदनबालाजी, सेवाभावी कल्पनाजी, उपप्रवर्तनी खानदेश रत्ना सुमनप्रभाजी, जप आराधिका स्वर्णश्रीजी म.सा. ठाणा-8 एवं वर्धमान आयंबिल तप आराधिका प्रफुल्लाजी म.सा. ठाणा-5 मंचासीन रहे।
इस अवसर पर अनेक गुरुभक्तों ने श्री सौभाग्य तीर्थ के लिए दान राशि देने की घोषणा की। महासती तेजस्वीजी ने 9 उपवास की तपस्या की, जबकि सैकड़ों गुरुभक्तों ने एकासना के प्रत्याख्यान लिए। कई तपस्वियों ने गुरुदेव की स्मृति में 11 उपवास एवं 108 तेले की तप आराधना की। राकेश छाजेड़ ने 23, सौम्य चत्तर ने 19 तथा कान्ताबेन पितलिया ने 18 उपवास के प्रत्याख्यान लिए। दोपहर में श्री सौभाग्य चालीसा के जाप हुए। इसके पश्चात 66 परिवारों ने गुरुभक्तों में प्रभावना वितरित की।
कार्यक्रम का संचालन श्री संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश मूणत एवं नवयुवक मंडल के पूर्वाध्यक्ष रखब चत्तर ने किया। कार्यक्रम में चातुर्मास समिति अध्यक्ष पारस वोरा, सचिव संदीप चौरड़िया, उपाध्यक्ष इंदरमल चोपड़ा, कोषाध्यक्ष मुकेश चौरड़िया सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गुरुभक्त उपस्थित रहे। पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी एवं विभिन्न श्री संघों के प्रतिनिधिगण भी चल समारोह और गुणानुवाद सभा में शामिल हुए।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla



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