थांदला से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी सौगात : ₹300 करोड़ का ऋण वितरण, ₹283.81 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन
महिला सशक्तिकरण से लेकर जनजातीय विकास तक सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री बोले- लखपति दीदियों की समृद्धि से परिवार और समाज हो रहा समृद्ध
थांदला/झाबुआ (सम्यक दृष्टि न्यूज़) 31 जुलाई 2026। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को थांदला के शासकीय महाविद्यालय कॉलेज ग्राउंड में आयोजित प्रदेश स्तरीय स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की बहनें आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। बहनों के लखपति बनने से केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो रही, बल्कि परिवार की प्रगति और समाज में समृद्धि भी दिखाई देने लगी है। उन्होंने कहा कि महिला शक्ति के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है और स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बनकर उभर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण, जनजातीय विकास और जिले के अधोसंरचनात्मक विकास को नई गति देने वाली कई बड़ी सौगातें दीं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों के लिए ₹300 करोड़ के ऋण का वितरण किया, वहीं झाबुआ जिले में ₹283.81 करोड़ के 57 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
₹300 करोड़ के ऋण वितरण से महिला स्वावलंबन को गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए ₹300 करोड़ का ऋण वितरण किया। इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार, आजीविका गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जोड़कर उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि झाबुआ जिले में 11,900 से अधिक स्वयं सहायता समूहों से 1.56 लाख से अधिक परिवारों को आजीविका मिल रही है तथा 64 हजार से अधिक लखपति दीदियां आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि जिले में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करीब एक हजार करोड़ रुपये का व्यापार एवं व्यवसाय संचालित हो रहा है। झाबुआ में चार दीदियां ‘दीदी कैफे’ संचालित कर रही हैं, जबकि प्रदेश में 196 आजीविका कैफे संचालित हैं। महिलाएं बैंक सखी, ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसी योजनाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्राप्त कर रही हैं।
कृषि क्षेत्र में भी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। प्रदेश में इस वर्ष 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन हुआ है। वर्तमान में 89 ड्रोन दीदियों के माध्यम से कृषि में आधुनिक तकनीक और मशीनीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कामधेनु योजना से ₹40 लाख तक की परियोजना पर मिलेगा ₹10 लाख अनुदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं व्यावसायिक सब्जी उत्पादन, जैविक खेती और दुग्ध उत्पादन में भी नए आयाम स्थापित कर रही हैं। कामधेनु योजना के तहत दुग्ध उत्पादन के लिए ₹40 लाख तक की परियोजना पर ₹10 लाख का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को पशुपालन के माध्यम से स्थायी आय का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। महिला सशक्तिकरण भारतीय संस्कृति की परंपरा का हिस्सा रहा है। रानी अहिल्याबाई होल्कर, रानी दुर्गावती, रानी अवंतिबाई और रानी लक्ष्मीबाई ने नारी शक्ति और साहस का गौरव बढ़ाया।
₹283.81 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने झाबुआ जिले में ₹174.64 करोड़ की लागत के 29 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया तथा ₹109.17 करोड़ की लागत से पूर्ण 28 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस तरह कुल ₹283.81 करोड़ की विकास परियोजनाएं जिले को समर्पित की गईं।
झाबुआ के चारोलीपाड़ा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ₹70 करोड़ की लागत से बनने वाले आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय का भूमिपूजन किया। महाविद्यालय के शुरू होने से जनजातीय अंचल में आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर और क्षेत्रवासियों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। वहीं झाबुआ में ₹32.20 करोड़ की लागत से सांदीपनि विद्यालय और रजला में ₹27.21 करोड़ की लागत से सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण किया गया। पेटलावद में ₹6.28 करोड़ की लागत से श्रृंगेश्वर घाट निर्माण एवं माही नदी तट संरक्षण कार्य का भी भूमिपूजन हुआ।
थांदला में हेलीपैड, पद्मावती नदी पर घाट की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पक्का हेलीपैड निर्माण की योजना के तहत थांदला में हेलीपैड निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा झाबुआ में खेल परिसर, पीपलखूंटा में पद्मावती नदी के किनारे घाट तथा थांदला में भी पद्मावती नदी तट पर घाट निर्माण की घोषणा की।
उन्होंने जनजातीय अंचल में पट्टों की रजिस्ट्री निःशुल्क करने तथा नए शैक्षणिक सत्र से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विद्यार्थियों को विद्यालयीन गणवेश उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में स्थापित हो रहा पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क जनजातीय अंचल में तीन लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। वहीं ग्वालियर में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश संबंधी एमओयू हुए हैं, जिससे चंबल क्षेत्र रोजगार के नए मुकाम के रूप में विकसित होगा।
प्राकृतिक खेती को बताया सेहत और आमदनी का बेहतर माध्यम
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती कर रहीं उन्नतशील कृषि सखियों और किसानों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि झाबुआ जिले में प्राकृतिक खेती की व्यापक संभावनाएं हैं। प्राकृतिक खेती से जहां लोगों को स्वस्थ खाद्य पदार्थ मिलेंगे, वहीं किसानों की लागत कम होने और आय बढ़ने की संभावनाएं भी हैं।
ग्राम देवीगढ़ की कृषि सखी संगीता डामोर ने मुख्यमंत्री को बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वह अपने गांव और आसपास के करीब 125 किसानों को बीजामृत, जीवामृत और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक आदान तैयार करने का प्रशिक्षण दे रही हैं। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाने से गेहूं का उत्पादन 35 क्विंटल से बढ़कर 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक पहुंचा है।
वहीं ग्राम खेड़ी के प्रगतिशील किसान विमल भाबोर ने बताया कि वे 25 बीघा भूमि पर खेती के साथ पशुपालन करते हैं। पांच वर्षों से जैविक और दो वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उनके द्वारा जैव संसाधन केंद्र स्थापित कर जीवामृत, बीजामृत सहित अन्य प्राकृतिक आदान तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती के बाद उनकी वार्षिक आय करीब ₹50 हजार से बढ़कर ₹1 से ₹1.50 लाख तक पहुंची है। इसके अतिरिक्त नर्सरी, प्राकृतिक सब्जियों, फलों, जैव संसाधन केंद्र और वर्मी कम्पोस्ट से भी अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।
जनजातीय परिवार के घर पहुंचे मुख्यमंत्री, गोदड़ी पर बैठकर किया भोजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम से पहले जनजातीय समाज के सदस्य बसंत सिंह बामनिया के घर पहुंचकर परिवार के साथ आत्मीय समय बिताया। उन्होंने परिवार की महिलाओं से संवाद किया और बहनों से राखी बंधवाई। मुख्यमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात कर उन्हें स्नेह-दुलार दिया।
मुख्यमंत्री ने परिवार के सदस्यों के साथ पारंपरिक अंदाज में गोदड़ी पर बैठकर पत्तल में भोजन किया। परिवार की महिलाओं ने उड़द की दाल और स्थानीय पारंपरिक व्यंजन पानिया सहित अन्य व्यंजन परोसे। मुख्यमंत्री ने जनजातीय परिवार की मेहमाननवाजी की सराहना की।
परिवार ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिल चुका है, लेकिन पुराना मिट्टी-गारे का घर परिवार की पीढ़ियों की स्मृतियों और परंपराओं से जुड़ा होने के कारण आज भी उनके लिए विशेष महत्व रखता है।
‘आजीविकानो मेला’ में दिखी जनजातीय संस्कृति और स्थानीय उत्पादों की झलक
कार्यक्रम स्थल पर जनजातीय गौरव पथ में पारंपरिक वेशभूषा में सजे नृत्य दलों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। वहीं ‘आजीविकानो मेला’ आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर सरकारी योजनाओं, स्थानीय उत्पादों, प्राकृतिक खेती, जैविक उत्पादों, हस्तशिल्प और जनजातीय परंपराओं का प्रदर्शन किया।
जनजातीय कार्य विभाग के स्टॉल पर वन भाजी, लघु वनोपज और पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टॉल पर स्वयं सहायता समूहों के हस्तशिल्प और खाद्य उत्पाद प्रदर्शित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग ने सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण प्रदर्शनी लगाई। कृषि विभाग ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के उत्पाद, जबकि पशुपालन विभाग ने ‘लखपति गोपालक दीदी’ की अवधारणा पर आधारित मॉडल प्रदर्शित किया।
हितग्राहियों और मेधावी विद्यार्थियों को मिला लाभ
कार्यक्रम में 215 स्वयं सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों के लिए ₹10.08 करोड़ का ऋण वितरित किया गया। कामधेनु योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और पीएमएफएमई योजना के हितग्राहियों को भी ऋण एवं सहायता राशि प्रदान की गई।
मेरिट में स्थान बनाने पर मुख्यमंत्री ने जयश्री मेहसन को किया सम्मानितरायपुरिया की होनहार छात्रा जयश्री मेहसन ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले में बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि पर थांदला में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जयश्री को सम्मानित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय की प्राचार्य कल्पना वर्मा ने भी छात्रा की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया।
बोर्ड परीक्षा में जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का मुख्यमंत्री ने सम्मान किया। इनमें कक्षा 10वीं बालिका वर्ग में सीमा कांतिलाल भयड़िया, बालक वर्ग में अर्थव व्यास तथा कक्षा 12वीं बालिका वर्ग में जयश्री मेहसन और बालक वर्ग में प्रथम पंवार शामिल रहे। किसान कल्याण विभाग की ओर से किसानों को हेलमेट तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत हितग्राही को लाभ प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, सांसद अनिता नागर सिंह चौहान, संभागायुक्त भास्कर लक्षकार, आईजी अनुराग, कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट, एसपी देवेंद्र पाटीदार, जिलाध्यक्ष भानु भूरिया, प्रदेश प्रवक्ता कलसिंह भाबर, पूर्व सांसद गुमानसिंग डामोर, महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री श्रीमती संगीता सोनी, पूर्व भाजपा जिला जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, दौलत भावसार, लक्ष्मण सिंह नायक, संगठन जिला प्रभारी राजेंद्र राठौड़, नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी पंडदा, पार्षद समर्थ उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में महिलाएं एवं नागरिक उपस्थित रहे।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla



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