फार्मर आईडी में सर्वे नंबर दर्ज करने के एवज में 2 हजार की रिश्वत, पटवारी लोकायुक्त के ट्रैप में गिरफ्तार
पेटलावद (सम्यक दृष्टि न्यूज़, जितेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट)झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील अंतर्गत सारंगी उप तहसील कार्यालय में लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पटवारी को 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई 30 जुलाई 2026 को लोकायुक्त टीम द्वारा की गई। मामले में आरोपी पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहनपुरा निवासी किसान पुनिया भूरिया ने अपनी कृषि भूमि से संबंधित कार्य के लिए लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता की कृषि भूमि के छह सर्वे नंबरों में से पांच सर्वे नंबर पहले से फार्मर आईडी पर दर्ज थे, जबकि एक सर्वे नंबर को फार्मर आईडी में दर्ज करवाने का कार्य शेष था। आरोप है कि इसी कार्य को करने के एवज में पटवारी संजय अमलियार द्वारा 2 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी।
शिकायत का सत्यापन, रिश्वत मांगने की हुई पुष्टि
किसान द्वारा लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत किए जाने के बाद अधिकारियों ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। कार्रवाई के लिए निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
मीटिंग हॉल में रंगे हाथों पकड़ा
योजना के अनुसार लोकायुक्त टीम ने गुरुवार 30 जुलाई को सारंगी स्थित उप तहसीलदार कार्यालय के मीटिंग हॉल में कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां शिकायतकर्ता से 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पटवारी संजय अमलियार को रंगे हाथों पकड़ लिया गया। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी की।
जानकारी के अनुसार आरोपी संजय अमलियार, पटवारी हल्का नंबर 30, ग्राम मोहनपुरा, उप तहसील सारंगी, तहसील पेटलावद में पदस्थ है। लोकायुक्त द्वारा की गई कार्रवाई के बाद इस मामले की क्षेत्र में चर्चा रही। सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में हुई इस कार्रवाई से राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज को लेकर भी सवाल उठे हैं।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। लोकायुक्त टीम में निरीक्षक सचिन पटेरिया के साथ प्रधान आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक आशीष नायडू, आरक्षक चन्द्रमोहन बिष्ट और आरक्षक शैलेन्द्र सिंह बघेल शामिल रहे।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि सरकारी सेवाओं से संबंधित कार्यों के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायतों पर जांच और कार्रवाई की जा रही है। फार्मर आईडी में सर्वे नंबर दर्ज करने जैसे कार्य के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में पटवारी की गिरफ्तारी क्षेत्र में लोकायुक्त की कार्रवाई का प्रमुख मामला बन गई है। मामले में आगे की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla


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