थांदला के 300 वर्षीय इतिहास में पहली बार बिछी अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव की जाजम, 72 प्रकार के चढ़ावों में श्रद्धालुओं ने दिखाई अभूतपूर्व आस्था
थांदला (सम्यक दृष्टि न्यूज़) नगर के ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र श्री केसरियानाथ मंदिर परिसर में स्थित अति प्राचीन श्री आदिनाथ ऋषभदेव, श्री नरसिंह भगवान एवं दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेंद्रसूरीश्वरजी म.सा. के जिनालय के जीर्णोद्धार कार्य के अंतर्गत गुरुवार को अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव की जाजम का भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। नगर के लगभग 300 वर्षों के जैन इतिहास में पहली बार इस प्रकार की जाजम बिछाई गई, जिसने पूरे क्षेत्र के जैन समाज में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का नया अध्याय जोड़ दिया।
यह आयोजन मोहनखेड़ा तीर्थ प्रणेता ज्योतिष सम्राट पूज्यनीय श्री ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी म.सा. के दिव्य संकल्पों को साकार करने की दिशा में उनके शिष्य बन्धु बेलड़ी तपस्वी पूज्य मुनिराज श्री पीयूषचन्द्र विजयजी एवं व्याख्यान प्रभावक पूज्य श्री रजतचन्द्र विजयजी म.सा. की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। भव्य संगमरमर से निर्मित नवीन जिनालय आगामी वर्ष पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद पाँच दिवसीय अंजन शलाका प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का साक्षी बनेगा। उसी महोत्सव की तैयारियों के तहत विभिन्न धार्मिक चढ़ावों की बोलियों के लिए इस विशेष जाजम का आयोजन किया गया।
संघ अध्यक्ष कमलेश जैन, प्रतिष्ठा महोत्सव समिति अध्यक्ष मयूर तलेरा, कोषाध्यक्ष प्रफुल्ल पोरवाल, सचिव संजय फुलफगर एवं अर्पित लुणावत ने बताया कि अंजन शलाका एवं प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में विभिन्न धार्मिक चढ़ावों के माध्यम से समाज के प्रत्येक परिवार को धर्म प्रभावना एवं द्रव्य के सदुपयोग का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। समाज के लोगों ने अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ इस अवसर का लाभ लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः मंदिर परिसर के बाहर आयोजित नवकारसी से हुआ, जिसका लाभ विनय कुमार छिपानी परिवार ने प्राप्त किया। इसके पश्चात जाजम के लाभार्थी सुशीला बेन, प्रफुल्ल एवं रानी पोरवाल परिवार के निवास से भव्य वरघोड़ा निकाला गया। वरघोड़े में बन्धु बेलड़ी मुनिद्वय की निश्रा में सकल जैन समाज के महिला-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। महिलाओं ने श्रद्धा भाव से अपने सिर पर जाजम धारण की, जबकि पुरुष वर्ग ढोल, ताशे एवं बैंड-बाजों की मधुर धुनों पर जिन शासन के जयकारे लगाते हुए भक्ति में सराबोर होकर नगर के प्रमुख मार्गों से निकले। पूरा वातावरण धर्ममय एवं भक्तिमय बन गया।
वरघोड़ा मेट्रो परिसर स्थित आयोजन स्थल पहुँचा, जहाँ मुनिश्री के सानिध्य में वैदिक एवं जैन परंपरानुसार विधि-विधान से जाजम बिछाई गई। इसके बाद भजन सम्राट दीपक करणपुरिया ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। उनकी भजनों की स्वर लहरियों के बीच थांदला सहित आसपास के अनेक जैन संघों से आए श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न धार्मिक चढ़ावों की बोलियों में भाग लिया।
आयोजन के दौरान मुख्य चढ़ावों सहित लगभग 72 प्रकार के धार्मिक चढ़ावों की बोलियां संपन्न हुईं। लाभार्थी परिवारों ने बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए धर्म कार्यों में उदारतापूर्वक योगदान दिया। पूरे दिन चले इस ऐतिहासिक आयोजन में पूज्य मुनिराज श्री पीयूषचन्द्र विजयजी एवं श्री रजतचन्द्र विजयजी म.सा. लगातार उपस्थित रहे तथा उन्होंने अपने प्रेरक प्रवचनों में चढ़ावों एवं धर्म प्रभावना के महत्व को सरल एवं प्रभावी शब्दों में समझाया। उनकी प्रेरणादायी वाणी से प्रभावित होकर अनेक परिवारों ने श्रद्धा के साथ बोलियों में भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया।
समारोह में थांदला सकल जैन संघ के साथ-साथ विभिन्न नगरों एवं क्षेत्रों से आए जैन संघों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आगंतुकों के स्वागत, आतिथ्य एवं स्वामी वात्सल्य का लाभ क्रमशः आनंद कुमार मूलचंद लुणावत परिवार तथा अनोखीलाल, मनोहरलाल एवं रविन्द्र कुमार मोदी परिवार द्वारा लिया गया।
इस अवसर पर बन्धु बेलड़ी मुनिद्वय ने आगामी 4 मार्च 2027 को आयोजित होने वाले अंजन शलाका प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभ मुहूर्त भी घोषित किया तथा इस महोत्सव के प्रमुख लाभार्थी के रूप में मयूर वर्धमानजी तलेरा परिवार को यह पावन सौभाग्य प्रदान किया। मुहूर्त की घोषणा होते ही उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयघोष के साथ प्रसन्नता व्यक्त की। आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि थांदला का यह ऐतिहासिक जिनालय आने वाले समय में प्रदेश के प्रमुख धार्मिक तीर्थों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla


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