मंदिर भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं, शासकीय भूमि का मालिक कलेक्टर होता है : डॉ. भरसट
झाबुआ (सम्यक दृष्टि न्यूज़) जिले के थांदला तहसील कार्यालय में आयोजित विकासखंड स्तरीय जनसुनवाई उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने शासकीय एवं मंदिर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान ग्राम खजुरी स्थित शासन संधारित शंकर एवं नरसिंह मंदिर की भूमि पर लगातार हो रहे अवैध कब्जे और निर्माण कार्य की शिकायत लेकर पहुंचे पुजारी मनोज चतुर्वेदी की बात सुनते ही कलेक्टर ने मौके पर मौजूद तहसीलदार, पटवारी एवं एसएलआर अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने पटवारी से पूछा कि संबंधित व्यक्ति कौन हैं। इस पर पटवारी जितेंद्र ने जवाब दिया कि “सर, यह पंडित जी हैं, मैं इन्हें जानता हूं।” इसके बाद कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “शासन संधारित भूमि का मालिक पदेन कलेक्टर होता है। मंदिरों की भूमि सहित सभी शासकीय भूमियों पर अतिक्रमण रोकना हमारा दायित्व है। मंदिर भूमि पर चल रहा निर्माण कार्य तुरंत रुकवाया जाए तथा दो दिनों के भीतर सीमांकन कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।”
कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इस प्रकरण को वे टीएल में शामिल कर रहे हैं, ताकि इसकी नियमित मॉनिटरिंग हो सके। कलेक्टर के इस स्पष्ट और सख्त रुख से जनसुनवाई में उपस्थित लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास दिखाई दिया।
जनसुनवाई में उमड़ी लोगों की भीड़
थांदला में आयोजित इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कुल 119 आवेदन विभिन्न विभागों से संबंधित प्राप्त हुए। भीषण गर्मी के बावजूद दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग दोपहर 1 बजे के बाद तक अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में तहसील कार्यालय पहुंचते रहे। हालांकि जनसुनवाई का निर्धारित समय सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक था, लेकिन प्रशासन ने लोगों की समस्याएं सुनने में संवेदनशीलता दिखाई।
भाजपा पार्षद ने ही परिषद के खिलाफ खोला मोर्चा
जनसुनवाई में उस समय राजनीतिक रंग भी देखने को मिला जब नगर परिषद थांदला के वार्ड क्रमांक 9 के भाजपा पार्षद राजू धानक अपनी ही परिषद के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचे। पार्षद धानक ने नगर में पेयजल टंकी निर्माण, जलकर और भवन कर में की गई अचानक एकतरफा वृद्धि को लेकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि नगर परिषद सीएमओ से लेकर डिप्टी डायरेक्टर स्तर तक शिकायत करने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई, जिसके बाद वे कलेक्टर के समक्ष अपनी बात रखने पहुंचे।
ट्रेंचिंग ग्राउंड और यातायात समस्या का मुद्दा भी उठा
नगर कांग्रेस एवं नगर परिषद में विधायक प्रतिनिधि वीरेंद्र बारिया ने भी जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने नगर के ट्रेंचिंग ग्राउंड को आबादी क्षेत्र से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की। साथ ही नगर की मुख्य आवागमन व्यवस्था और यातायात अव्यवस्था को लेकर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि ट्रेंचिंग ग्राउंड के कारण आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल और हाट बाजार की समस्याएं भी पहुंचीं कलेक्टर तक
नगर के युवाओं ने दो अलग-अलग आवेदन प्रस्तुत कर स्वास्थ्य और यातायात व्यवस्था से जुड़ी गंभीर समस्याएं उठाईं। उन्होंने सिविल अस्पताल में व्यवस्थित मर्चुरी कक्ष और पोस्टमार्टम कक्ष की आवश्यकता बताते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था बेहद अव्यवस्थित है, जिससे मरीजों और परिजनों को परेशानी होती है।
इसके अलावा उन्होंने नगर के साप्ताहिक हाट बाजार को पुलिस थाना और सिविल अस्पताल क्षेत्र से हटाकर किसी अन्य स्थान पर लगाने की मांग की। उनका कहना था कि बाजार लगने के दौरान क्षेत्र में भारी भीड़ और यातायात अवरोध की स्थिति बनती है, जिससे अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
जनपद पंचायत भुगतान मामले में जांच के निर्देश
नगर के व्यापारी गजेंद्र नायक ने जनपद पंचायत में किए गए कार्यों के एवज में करीब 1 लाख 68 हजार रुपये के भुगतान नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। आवेदन को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल जनपद पंचायत सीईओ को तलब किया और मामले की वस्तुस्थिति जानी। इसके साथ ही ट्रेजरी ऑफिसर को भुगतान प्रक्रिया की जांच करने के निर्देश दिए।
आउटसोर्स कर्मचारियों ने सुनाई वेतन की पीड़ा
जनसुनवाई में अस्पताल के आउटसोर्स कर्मचारियों ने भी वेतन भुगतान में हो रही देरी और अनियमितताओं को लेकर अपनी समस्या रखी। कर्मचारियों ने बताया कि समय पर वेतन नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मामले का निराकरण करने के निर्देश दिए।
थांदला में आयोजित यह जनसुनवाई केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई मामलों में प्रशासन की त्वरित संवेदनशीलता और कार्रवाई भी देखने को मिली। विशेष रूप से मंदिर भूमि अतिक्रमण मामले में कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों ने यह संदेश दिया कि शासकीय और धार्मिक संपत्तियों पर अवैध कब्जे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla



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