पेटलावद में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन: खाद-डीजल संकट और राज्यसभा चुनाव की विसंगतियों को लेकर सरकार पर साधा निशाना
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पेटलावद द्वारा किसानों की विभिन्न समस्याओं तथा हालिया राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं किसान शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए खाद और डीजल संकट को लेकर जमकर घेराबंदी की।
किसानों की समस्याओं पर सरकार को घेरा
कार्यक्रम की शुरुआत सभा के रूप में हुई, जिसमें कांग्रेस नेताओं ने किसानों की मौजूदा परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। आंदोलन के मुख्य अतिथि आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश का किसान आज गंभीर संकट से गुजर रहा है। खेतों में बोवनी का समय चल रहा है, लेकिन किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। खाद वितरण के लिए टोकन व्यवस्था ने किसानों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। इसके अलावा डीजल की कमी और बढ़ती लागत ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
डॉ. विक्रांत भूरिया की चेतावनी: समस्याएं नहीं सुलझीं तो होगा उग्र आंदोलन
डॉ. भूरिया ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते खाद और डीजल की व्यवस्था नहीं सुधारी गई तथा किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान ने परेशान होकर आत्मघाती कदम उठाया तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान प्रदर्शन केवल चेतावनी है, आवश्यकता पड़ने पर आगामी दिनों में उग्र आंदोलन और चक्काजाम किया जाएगा।
टोकन व्यवस्था को बताया भ्रष्टाचार की जड़
पूर्व विधायक वालसिंह मेडा ने अपने संबोधन में खाद वितरण की टोकन व्यवस्था को भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रणाली के कारण वास्तविक किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने को तैयार है।
कांग्रेस नेताओं ने रखी किसानों की मांगें
सभा को जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रांका, जिला पंचायत अध्यक्ष सोनल जसवंत भाबर तथा पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष चंद्रवीरसिंह राठौर ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि किसानों को बिना किसी अनावश्यक कागजी प्रक्रिया और बाधा के उनकी आवश्यकता अनुसार खाद एवं डीजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। साथ ही राज्यसभा चुनाव के दौरान विपक्षी नेताओं के विरुद्ध की गई कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए उसकी भी आलोचना की गई।
मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
सभा के पश्चात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय तक रैली निकाली। यहां ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सलीम शेख ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन का वाचन किया। इसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार अनिल बघेल को ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे पदाधिकारी और कार्यकर्ता
इस दौरान भारत मुलेवा, मन्नालाल हामड, जावेद लोधी, जिला पंचायत सदस्य विक्रम भूरिया, सतीश अजनार, आकाश डामर, मुन्नालाल गरवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और किसान उपस्थित रहे। प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


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