पुरानी पेंशन योजना से सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलती है

पुरानी पेंशन व वरिष्ठता की मांग को लेकर पेटलावद में शिक्षकों का विशाल प्रदर्शन, सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

पेटलावद. (जितेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट \ सम्यक दृष्टि न्यूज़) पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता देने की मांग को लेकर पेटलावद में शिक्षकों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। ‘अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा’ के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए, जिससे नगर की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जोर-शोर से उठाया और सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की।

प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों का कहना था कि नई पेंशन योजना (NPS) उनके भविष्य को असुरक्षित बनाती है, जबकि पुरानी पेंशन योजना से उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्षों तक सेवा देने के बावजूद उन्हें वह अधिकार नहीं मिल रहे, जिनके वे हकदार हैं। इसलिए OPS की बहाली उनकी प्रमुख मांग है।

इसके साथ ही शिक्षकों ने प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में वरिष्ठता को लेकर कई विसंगतियां हैं, जिससे योग्य और अनुभवी शिक्षकों के साथ अन्याय हो रहा है। शिक्षकों ने मांग की कि सेवा की निरंतरता को मान्यता देते हुए नियुक्ति की मूल तिथि से ही वरिष्ठता निर्धारित की जाए।

प्रदर्शन के दौरान TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई। शिक्षकों ने कहा कि जो शिक्षक वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, उनसे दोबारा पात्रता परीक्षा की अपेक्षा करना पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने इसे मानसिक और प्रशासनिक दबाव बनाने वाला निर्णय बताते हुए तत्काल समाप्त करने की मांग की।

रैली के रूप में एकत्रित शिक्षक नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने तहसीलदार अनिल बघेल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों की विभिन्न मांगों का विस्तार से उल्लेख करते हुए जल्द से जल्द समाधान की मांग की गई।

इस दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

प्रदर्शन में महिला शिक्षकों की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। शिक्षकों की एकजुटता और संख्या को देखते हुए यह स्पष्ट हो गया कि वे अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं।

इस विशाल प्रदर्शन ने न केवल प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि क्षेत्र में शिक्षकों की समस्याओं को लेकर एक नई बहस भी छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं

Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla 


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

". "div"