धर्म केवल क्रियाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे जीवन और आत्मा में उतारना आवश्यक है

पंडितरत्न पंकजमुनिजी व साध्वी निखिलशीलाजी म.सा. के सानिध्य में थांदला में श्रद्धा से मनाया गया त्रिदिवसीय अणु स्मृति दिवस


गुणानुवाद सभा, “एक शाम अणु के नाम”, धार्मिक प्रतियोगिताएं व जाप-चारित्र आराधना के हुए आयोजन

थांदला. नगर में पंडितरत्न स्थवीर गुरुभवन्त पूज्य श्री पंकजमुनिजी म.सा. के पावन सानिध्य में त्रिदिवसीय अणु स्मृति दिवस श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। इस अवसर पर संघ के तत्वावधान में विभिन्न आध्यात्मिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

जानकारी देते हुए श्री संघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया, सचिव हितेश शाह, संघ कोषाध्यक्ष रजनीकांत शाह, युवाध्यक्ष प्रांजल लोढ़ा, महिला मंडल अध्यक्षा किरण श्रीश्रीमाल, अखिल भारतीय चंदना श्राविका मंडल प्रभारी इंदु कुवाड़ तथा प्रवक्ता पवन नाहर ने संयुक्त रूप से बताया कि लगभग दो दशक से अधिक समय के बाद कुशलगढ़ की ओर से उग्र विहार करते हुए तपस्विराज कानमुनिजी म.सा. के अग्रणी शिष्य धर्मदासगण के प्रभावशाली संत पंडितरत्न स्थवीर गुरुभवन्त पूज्य श्री पंकजमुनिजी म.सा. आदि ठाणा का थांदला नगर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ। संतों के आगमन से पूरे नगर में धर्ममय वातावरण बन गया।

नगर में पंडितरत्न स्थवीर गुरुभवन्त पूज्य श्री पंकजमुनिजी म.सा. एवं परम पूज्य साध्वी श्री निखिलशीलाजी, शीलाजी म.सा. आदि ठाणा चार के पावन सानिध्य में त्रिदिवसीय अणु स्मृति दिवस श्रद्धा, भक्ति और धर्ममय वातावरण के बीच मनाया गया। इस अवसर पर संघ के तत्वावधान में विभिन्न आध्यात्मिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

अणु स्मृति दिवस के अंतर्गत पूज्य गुरुदेव की गुणानुवाद सभा आयोजित की गई, जिसमें उनके आदर्शों, उपदेशों और साधना के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इसके साथ ही “एक शाम अणु के नाम” कार्यक्रम, विभिन्न धार्मिक प्रतियोगिताएं, जाप एवं चारित्र आराधना सहित कई धार्मिक गतिविधियां आयोजित की गईं।

कार्यक्रमों में समाज के सभी वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संतों के प्रवचनों का लाभ प्राप्त किया। संघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया, सचिव हितेश शाह, चंदना श्राविका मंडल एवं अणु आराधना मंडल के सदस्यों की सक्रिय भूमिका से आयोजन सफल रहा। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में धर्म, साधना और सेवा की भावना का विशेष उत्साह देखने को मिला।

गुरु वचनों से जीवन का सृजन ही सच्ची श्रद्धांजलि: पेटलावद में आचार्य श्री उमेश मुनि जी महाराज की 14वीं पुण्यतिथि श्रद्धा से मनाई

पेटलावद. अध्यात्म योगी आचार्य श्री उमेश मुनि जी महाराज साहब की 14वीं पुण्यतिथि श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ पेटलावद के तत्वावधान में श्रद्धा, भक्ति और धर्ममय वातावरण के बीच मनाई गई। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष अशोक मेहता, उपाध्यक्ष कांतिलाल झाड़मता, सचिव पारसमल सोलंकी और कोषाध्यक्ष संजय भंडारी की गरिमामयी उपस्थिति में अनेक धार्मिक एवं सेवाभावी कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम के अंतर्गत श्रावक-श्राविकाओं ने गुरुदेव की स्मृति में दो-दो सामायिक की विशेष साधना की। सामूहिक रूप से गुरु गुणगान, नवकार मंत्र जाप और उमेश चालीसा के पाठ से वातावरण पूर्णतः धर्ममय बन गया। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में अपनी भावपूर्ण श्रद्धा अर्पित की।

गुणानुवाद सभा के दौरान संघ सचिव पारसमल सोलंकी ने गुरुदेव के उपदेशों को स्मरण करते हुए कहा कि धर्म केवल क्रियाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे जीवन और आत्मा में उतारना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मलिन प्रवृत्तियों का त्याग कर सुवृत्ति की ओर बढ़ना ही कर्मों के क्षय का मार्ग है और गुरु के वचनों को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

संघ संवाददाता जितेंद्र मेहता ने आचार्य श्री को “वर्तमान का वर्धमान” और “आत्मा का उद्धारक” बताते हुए उन्हें एक चमत्कारी संत के रूप में स्मरण किया। स्वाध्यायी सोहनलाल चाणोदिया ने कहा कि आचार्य श्री का साहित्य समाज के लिए ज्ञान का ऐसा प्रकाश स्तंभ है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी सदैव मार्गदर्शन देता रहेगा।

भक्ति और सेवा के इस पावन अवसर पर रोहित कटकानी, जितेंद्र कटकानी और वंदना सोलंकी सहित कई वक्ताओं ने स्वरचित रचनाओं और स्तवन के माध्यम से गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। खुशबू कटकानी, कुमारी हितेषी मेहता, रेनी सोलंकी, पूजा सोलंकी, शुभम सोलंकी और पदम मेहता ने भी भावपूर्ण प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का सफल संचालन राजेंद्र कटकानी ने किया।

सेवा कार्यों की श्रृंखला में रामपुरिया बामनिया स्थित मारुति गौशाला तथा चोयल हॉस्पिटल में मरीजों की सेवा कर मानवता का संदेश दिया गया। इसके साथ ही अखिल भारतीय चंदना श्राविका संगठन द्वारा आवश्यक सूत्र पर आधारित ओपन बुक परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसमें 26 परीक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में महिला मंडल अध्यक्ष आशा भंडारी और बहू मंडल अध्यक्ष संगीता मेहता ने भी अपने सदस्यों के साथ गौ-सेवा कर गुरुदेव के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और आस्था व्यक्त की। पूरे आयोजन में जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं की सक्रिय सहभागिता रही और श्रद्धा, सेवा तथा आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला।

Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla 


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