परम् पूज्य श्री डॉ. राजेश मुनि जी म.सा. के 2500वा कठिन अभिग्रह तप पूर्ण होने पर पानीपत में भव्य अभिनंदन समारोह
नगर निगम बनाएगा 2500वें अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि के नाम पर चौक, हरियाणा सरकार ने राजकीय अतिथि के रूप में किया सम्मानित201 महिलाओं ने पीले परिधानों में निकाली भव्य कलश यात्रा, नशामुक्त समाज निर्माण का लिया संकल्प
पानीपत (हरियाणा), 10 अक्टूबर। जैन संत डॉ. राजेश मुनि महाराज के 2500 कठिन अभिग्रह तप पूर्ण होने के उपलक्ष्य में पानीपत के सेक्टर-25 स्थित निजी बैंक्वेट हॉल में भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। नशामुक्त समाज के निर्माण और जनमानस में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव में राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र की अनेक प्रमुख हस्तियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर संत डॉ. राजेश मुनिजी महाराज की तपस्या, दृढ़ संकल्प, त्याग और समाज सुधार के प्रयासों की सराहना की गई। कार्यक्रम के दौरान नगर निगम की ओर से उनके नाम पर शहर में चौक बनाने की घोषणा भी की गई। हरियाणा सरकार की ओर से उन्हें राजकीय अतिथि के रूप में सम्मानित किए जाने की जानकारी भी आयोजन के संदर्भ में सामने आई।
हरियाणा सरकार ने डॉ. राजेश मुनि महाराज को राजकीय अतिथि के रूप में किया सम्मानित
मीडिया प्रभारी अंकित जैन ने बताया कि 2500 कठिन अभिग्रह तप पूर्ण करने वाले अभिग्रहधारी भगवान डॉ. राजेश मुनि महाराज को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी की अनुशंसा पर हरियाणा सरकार द्वारा राजकीय अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया। यह सम्मान महाराजश्री की कठिन तपस्या, त्याग, संयम और आध्यात्मिक साधना के प्रति सम्मान का प्रतीक है। डॉ. राजेश मुनि महाराज का 2500 कठिन अभिग्रह तप पूर्ण करना जैन समाज सहित संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि है। उनके तप, त्याग और नशामुक्ति अभियान के माध्यम से समाज में सदाचार, आत्मानुशासन तथा नशामुक्त जीवन का संदेश प्रसारित हो रहा है।
उक्त आयोजन 2500वा कठिन अभिग्रह तप महोत्सव एवं नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत किया गया। संत डॉ. राजेश मुनि महाराज द्वारा 2500वा कठिन अभिग्रह तप पूर्ण करना तप, त्याग, आत्मानुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण है। महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं, परिवारों और आम नागरिकों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। श्री संघ एस.एस. जैन सभा, पानीपत द्वारा गुरुदेव को *“जगद् वल्लभ हरियाणा भास्कर”* की गौरवशाली उपाधि से भी अलंकृत किया गया।
201 महिलाओं की कलश यात्रा से हुआ महोत्सव का शुभारंभ
महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार सुबह 6 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। यात्रा में 201 महिलाओं ने पीले परिधान धारण कर सिर पर कलश रखकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक वातावरण, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता के बीच निकली इस यात्रा ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंची, जहां उपस्थित श्रद्धालुओं और समाजजनों ने सहभागियों का स्वागत किया।
कलश यात्रा में महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने धार्मिक आयोजनों में नारी शक्ति की भूमिका को रेखांकित किया। आयोजन से जुड़े लोगों ने इसे केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव, अनुशासन और नशामुक्त जीवन के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बताया।
कलश यात्रा के पश्चात अभिनंदन समारोह आयोजित हुआ। इसमें संत डॉ. राजेश मुनि महाराज के 2500वा अभिग्रह तप पूर्ण होने पर उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि कठिन संकल्पों को निरंतर निभाने के लिए आत्मबल, संयम और लक्ष्य के प्रति अटूट निष्ठा आवश्यक होती है। संतों का जीवन समाज को इन गुणों को अपनाने की प्रेरणा देता है।
नगर निगम बनाएगा डॉ. राजेश मुनि के नाम पर चौक
समारोह में पानीपत की महापौर कोमल सैनी ने घोषणा की कि नगर निगम जल्द ही शहर में 2500वें अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि महाराज के नाम पर एक चौक बनाएगा। इस घोषणा को संत की तपस्या और सामाजिक योगदान के सम्मान के रूप में देखा गया। चौक का निर्माण उनके संकल्प, तप और नशामुक्त समाज के संदेश को स्थायी पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समारोह में उपस्थित समाजजनों ने कहा कि ऐसे सम्मान समाज में सेवा, त्याग और जनकल्याण के कार्यों को प्रोत्साहित करते हैं। जब किसी संत या समाजसेवी के योगदान को सार्वजनिक स्तर पर पहचान मिलती है, तो उससे नई पीढ़ी को भी सकारात्मक कार्यों के लिए प्रेरणा मिलती है।
विपुल गोयल ने कहा—अभिग्रह महोत्सव सराहनीय पहल
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय, नागरिक उड्डयन एवं राजस्व मंत्री विपुल गोयल ने जैन समाज की ओर से आयोजित अभिग्रह महोत्सव की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ लोगों को अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करते हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं जब समाज सुधार के कार्यों को आगे बढ़ाती हैं तथा आम नागरिक उनके साथ जुड़ते हैं, तो सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध एक मजबूत वातावरण तैयार होता है। नशा आज समाज के सामने गंभीर चुनौती है। इससे व्यक्ति के स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में नशामुक्ति के लिए जनजागरण, सामूहिक प्रयास और निरंतर संवाद आवश्यक हैं।
संतों की तपस्या और त्याग समाज को आत्मानुशासन का संदेश देते हैं। इन संदेशों को जीवन में उतारकर ही स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार समाज का निर्माण किया जा सकता है।
हरविंद्र कल्याण बोले—महापुरुषों के आदर्श अपनाएं
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने अभिग्रह महोत्सव को समाज को नई दिशा देने वाला आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों ने अपने जीवन, विचारों और आचरण के माध्यम से मानवता को सही मार्ग दिखाया है। उनके आदर्शों को अपनाते हुए अपनी सांस्कृतिक और नैतिक जड़ों से जुड़े रहकर आगे बढ़ना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि संतों का जीवन केवल आध्यात्मिक साधना तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह समाज को अनुशासन, सदाचार, त्याग और सेवा का मार्ग भी दिखाता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को अपनी जिम्मेदारियों का बोध होता है तथा समाज में अच्छे विचारों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने संकल्प शक्ति को बताया सफलता का आधार
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि संकल्प शक्ति व्यक्ति को कठिन से कठिन लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा देती है। जब कोई व्यक्ति दृढ़ निश्चय के साथ सकारात्मक उद्देश्य को लेकर आगे बढ़ता है, तो उसके प्रयास समाज में भी बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि डॉ. राजेश मुनि महाराज की 2500वे कठिन अभिग्रह तप की साधना दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मानुशासन का उदाहरण है। ऐसे प्रेरक प्रसंगों से युवाओं को अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने, कठिनाइयों का सामना करने और सकारात्मक दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की सीख मिलती है।
उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक सुधार के लिए केवल विचार व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यवहार में उतारना जरूरी है। नशामुक्ति जैसे अभियानों को सफल बनाने के लिए परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना चाहिए।
कृष्णलाल पंवार ने सामूहिक भागीदारी पर दिया जोर
मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए समाज की सामूहिक भागीदारी बेहद जरूरी है। नशामुक्ति अभियान तभी प्रभावी और सफल हो सकता है, जब सरकार के प्रयासों के साथ सामाजिक संस्थाएं, परिवार, युवा और आम नागरिक भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
उन्होंने कहा कि नशे से दूर रहने के लिए जागरूकता बढ़ाना, युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना और परिवारों में सकारात्मक वातावरण तैयार करना महत्वपूर्ण है। समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से ही नशामुक्त और स्वस्थ वातावरण बनाया जा सकता है।
उन्होंने जैन समाज की ओर से इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक और सामाजिक मंचों का उपयोग जनहित के संदेशों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए किया जाना चाहिए।
नशामुक्त समाज निर्माण का संदेश बना आयोजन का केंद्र
महोत्सव में नशामुक्ति अभियान को विशेष महत्व दिया गया। आयोजकों ने कहा कि नशे की समस्या केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका प्रभाव परिवार, सामाजिक संबंधों और समाज की प्रगति पर भी पड़ता है। इसलिए नशे से दूरी बनाने का संकल्प व्यक्तिगत निर्णय के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
डॉ. राजेश मुनि महाराज के 2500वे कठिन अभिग्रह तप की पूर्णता को इसी संकल्प शक्ति से जोड़कर देखा गया। वक्ताओं ने कहा कि जब व्यक्ति अपने जीवन में अनुशासन और संयम को स्थान देता है, तब वह कठिन लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और समाजजनों ने नशामुक्ति के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने तथा युवाओं को इस अभियान से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोजन के माध्यम से धार्मिक साधना, सामाजिक चेतना और जनभागीदारी के बीच समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया।
अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाजजन रहे उपस्थित
सेक्टर-25 स्थित निजी बैंक्वेट हॉल में आयोजित समारोह में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, सोनीपत के मेयर राजीव जैन, पानीपत की महापौर कोमल सैनी, विधायक प्रमोद विज, मंत्रीगण, विजय जैन, विनय जैन, रामनिवास जैन, सुरेश जैन, राजेंद्र जैन, संजय जैन, जगदीश जैन, डीएमसी अरुण भार्गव, राजेश गोयल, सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र, अर्चना सलूजा, पूर्व मेयर अवनीत कौर, अशोक आर्य सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाजजन उपस्थित रहे।
समारोह में वक्ताओं ने डॉ. राजेश मुनि महाराज की तपस्या और नशामुक्ति अभियान को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए यह आह्वान किया कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
मीडिया प्रभारी अंकित जैन ने बताया कि 2500 कठिन अभिग्रह तप महोत्सव का मूल उद्देश्य संत की तपस्या के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ समाज में संयम, सदाचार और नशामुक्त जीवन की चेतना को मजबूत करना है।




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