कलेक्टर ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठे जिससे चौपाल में आत्मीयता और विश्वास का माहौल बना

कलेक्टर की सादगी: कुर्सियां छोड़ जमीन पर बैठे, ग्रामीणों के साथ जमीन विवाद सुलझाने और विकास कार्यों की हकीकत जानी

पेटलावद. (सम्यक दृष्टि न्यूज़, जितेश विश्वकर्मा)

झाबुआ जिले के ग्राम साड़ में उस समय प्रशासन का संवेदनशील और मानवीय चेहरा देखने को मिला, जब कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट और पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार रात्रि चौपाल में शामिल होने पहुंचे। वन संसाधन अधिनियम के तहत चयनित इस गांव में ग्रामीणों ने अधिकारियों के सम्मान में कुर्सियां और खाट की व्यवस्था की थी, लेकिन जैसे ही कलेक्टर ने देखा कि ग्रामीण जमीन पर बैठे हैं, उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के खुद भी बिछात पर बैठना उचित समझा। कलेक्टर को ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठा देख पूरा प्रशासनिक अमला भी वहीं बैठ गया, जिससे चौपाल में आत्मीयता और विश्वास का माहौल बन गया।

इस विशेष बैठक का उद्देश्य गांव के विकास कार्यों की समीक्षा करना, जंगल संरक्षण को बढ़ावा देना तथा पड़ोसी ग्राम सदावा के साथ चल रहे सीमा विवाद का समाधान निकालना था। कलेक्टर ने दोनों गांवों के ग्रामीणों को आपसी संवाद और समझाइश के माध्यम से विवाद समाप्त करने की सलाह दी, ताकि वन संरक्षण और विकास योजनाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।

ग्राम भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने विकास कार्यों में कई गंभीर लापरवाहियां देखीं। बिना मुंडेर के खुले कुएं, टूटे हुए हैंडपंप प्लेटफार्म और जल गंगा संवर्धन अभियान में धीमी प्रगति पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। ग्रामीणों ने पेयजल संकट की समस्या बताते हुए कहा कि जल प्रदाय योजना के तहत जली हुई मोटर लगाई गई है, जिससे पूरे गांव में पानी की भारी समस्या बनी हुई है। इस पर कलेक्टर ने पीएचई विभाग को तत्काल मोटर बदलने और जल आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने एक मकान के निरीक्षण में यह सामने आया कि लगभग 6 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद शौचालय का निर्माण नहीं किया गया। इस पर कलेक्टर ने महिलाओं की गरिमा और स्वच्छता का हवाला देते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र शौचालय निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने मुख्य सड़क से गांव तक पहुंचने वाले खराब और जोखिमपूर्ण मार्ग, नाले पर पुलिया निर्माण, उमरा फलिया तक 5 किलोमीटर कच्ची सड़क को पक्का करने, पुराने तालाब के गहरीकरण और सिंचाई नहरों के पक्कीकरण जैसी महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क सुविधा के अभाव में आपातकालीन परिस्थितियों में एंबुलेंस तक गांव नहीं पहुंच पाती।

चौपाल में सामाजिक सुधारों को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। एसपी देवेंद्र पाटीदार ने ग्रामीणों को नशे से दूर रहने, डीजे और अन्य फिजूलखर्ची रोकने तथा महिलाओं के सम्मान को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। गांव की महिला कमलीबाई द्वारा “हर घर 12 पौधे” लगाने का सुझाव भी सभी को प्रेरित कर गया, जिसे कलेक्टर ने सराहते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल बताया।

देर रात तक चली इस चौपाल में एक विधवा महिला के जमीन विवाद को भी गंभीरता से सुना गया, जिसमें कलेक्टर ने पीड़िता को कार्यालय बुलाकर त्वरित समाधान का भरोसा दिया। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने ग्रामीण खुमानसिंह हिडोर के घर सादगीपूर्ण भोजन ग्रहण किया और ग्राम साड़ को आदर्श गांव बनाने के संकल्प के साथ लौटे। यह चौपाल प्रशासन और ग्रामीणों के बीच भरोसे, संवेदनशीलता और विकास के नए संदेश के रूप में यादगार बन गई।कलेक्टर की सादगी: कुर्सियां छोड़ जमीन पर बैठे, ग्रामीणों के साथ जमीन विवाद सुलझाने और विकास कार्यों की हकीकत जानी।

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