धन की अंधी दौड़ से खो जाता है जीवन का संतुलन, असली संपदा तन और मन : अनिल त्रिवेदी
थांदला. स्वाधीनता संग्राम सेनानी, पूर्व सांसद एवं निर्भीक पत्रकार स्व. कन्हैयालाल वैद्य की जन्म जयंती के अवसर पर उनकी जन्मस्थली थांदला में एक विचारोत्तेजक एवं गरिमामय स्मृति व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। नगर परिषद प्रांगण स्थित मामा बालेश्वर दयाल बाल उद्यान में आयोजित इस कार्यक्रम ने वैचारिक विमर्श, स्मृतियों और सम्मान के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की चेतना को पुनः जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता गांधीवादी चिंतक, लेखक, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं लोकतंत्र सेनानी अनिल त्रिवेदी (इंदौर) रहे। उन्होंने व्याख्यान माला के विषय “तन–मन–धन और जगत में जीवन” पर गहन विचार रखते हुए कहा कि आज का समाज धन को ही जीवन का लक्ष्य मान बैठा है, जबकि मनुष्य की असली पूंजी उसका तन और मन है। श्री त्रिवेदी ने कहा कि धन की अंधी दौड़ व्यक्ति को भीतर से खोखला कर देती है। अधिक धन मिलने पर शांति छिन जाती है, नींद उड़ जाती है और मन संकुचित हो जाता है। धन के प्रभाव में व्यक्ति ऐसे रास्तों पर भी चल पड़ता है, जो अंततः उसे पतन की ओर ले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि जिन्होंने तन और मन के संतुलन को छोड़ केवल धन को ही साध्य बनाया, वे विनाश की ओर बढ़े। स्व. कन्हैयालाल वैद्य की पत्रकारिता और मामा बालेश्वर दयाल के त्यागमय जीवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने कभी भी धन को प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि राष्ट्र, समाज और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को अपना धर्म माना। यही कारण है कि वे आज भी प्रेरणा के स्रोत बने हुए हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील पणदा एवं पूर्व विधायक कलसिंह भाबर ने संयुक्त रूप से की। विशेष अतिथि वरिष्ठ पत्रकार ओम भट्ट रहे। मंच पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता नगीन शाह, बाल न्यायालय के पूर्व सदस्य अशोक अरोड़ा तथा वरिष्ठ पत्रकार जवाहर डोशी (पीयूष महिदपुर) भी उपस्थित रहे।
वरिष्ठ पत्रकार श्री ओम भट्ट ने स्व. वैद्य को स्वतंत्रता आंदोलन का अजय योद्धा बताते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकारिता को हथियार बनाकर अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध जनचेतना जगाई। उनके लेखन में निर्भीकता, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सरोकार स्पष्ट रूप से झलकते थे।
पूर्व विधायक कलसिंह भाबर ने मामा बालेश्वर दयाल के साथ बिताए पलों के संस्मरण साझा करते हुए कहा कि स्व. वैद्य की जीवनशैली और पत्रकारिता आज की युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक है।
नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील पणदा ने कहा कि स्व. वैद्य ने स्वतंत्रता संग्राम और पत्रकारिता के माध्यम से थांदला को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता नगीन शाह एवं श्री अशोक अरोड़ा ने भी स्व. वैद्य से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उन्हें एक निडर, सादगीपूर्ण और समाजनिष्ठ व्यक्तित्व बताया। वरिष्ठ पत्रकार जवाहर डोसी ने भी अपने विचार रखते हुए पत्रकारिता के मूल्यों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा भारत के महा नियंत्रक केसी यादव (उज्जैन) द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए वरिष्ठ पत्रकार जवाहर डोसी का सम्मान किया गया। वहीं अभिभाषक संघ की ओर से श्री अनिल त्रिवेदी का सम्मान श्रीमंत अरोरा एवं सुश्री मयूरी राजू धानक के नेतृत्व में किया गया।
स्व. वैद्य की स्मृति में संचालित वैद्य विद्या निकेतन के विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए गए। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का संचालन राहुल वर्मा ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने स्व. कन्हैयालाल वैद्य एवं मामा बालेश्वर दयाल की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन कर माल्यार्पण किया।
अतिथियों का स्वागत सादगी की प्रतीक सूतमाला से कार्यक्रम संयोजक वरिष्ठ पत्रकार क्रांति कुमार वैद्य, भेरूलाल वैद्य, पत्रकार कमलेश तलेरा, सुधीर शर्मा, धवल अरोड़ा सहित अन्य पत्रकारों ने किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार उमेश शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, व्यापारी संघ के रजनीकांत शाह, पेंशनर संघ से सेवानिवृत्त प्राचार्य ललित जोशी, मांगीलाल राठौड़, पूर्व पार्षद रोहित बैरागी, कादर खान, जितेंद्र धामन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन पत्रकार कैलाश सनोलिया (नागदा जंक्शन) ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सुश्री क्रांति वैद्य ने किया।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla



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