झाबुआ पुलिस का बड़ा खुलासा: वैवाहिक धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश, ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरफ्तार
झाबुआ.(सम्यक दृष्टि न्यूज़) 06 जनवरी 2026झाबुआ पुलिस ने वैवाहिक धोखाधड़ी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कर्नाटक की रहने वाली एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी शादी कर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में शामिल पाई गई। पुलिस कार्रवाई में सामने आया है कि आरोपी महिला पहले से शादीशुदा होने के बावजूद अलग–अलग राज्यों में शादी कर लोगों को अपने जाल में फंसाती थी और अपने साथियों के साथ मिलकर ठगी की वारदातों को अंजाम देती थी।
फर्जी शादी के नाम पर ₹4.50 लाख की ठगी
इस पूरे मामले की शुरुआत पेटलावद निवासी फरियादी देवेंद्र राठौर की शिकायत से हुई। फरियादी ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी मंजू और गीता जैन नामक महिलाओं के माध्यम से करवाई गई थी। इन दोनों ने स्वयं को विवाह कराने वाली मध्यस्थ बताकर देवेंद्र को भरोसे में लिया और कर्नाटक के धारवाड़ निवासी नागवा से उसका विवाह तय कराया।
18 नवंबर 2025 को हिंदू रीति-रिवाजों से यह शादी संपन्न करवाई गई। शादी के एवज में फरियादी से कुल ₹4.50 लाख की राशि ली गई, जिसे विवाह की व्यवस्थाओं, दुल्हन के खर्च और अन्य बहानों से वसूला गया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य प्रतीत हुआ, लेकिन शादी के कुछ ही दिनों बाद पूरा मामला संदिग्ध हो गया।
जमीन विवाद का बहाना बनाकर फरार हुई दुल्हन
शादी के कुछ समय बाद आरोपी महिला नागवा ने जमीन विवाद का हवाला दिया और यह कहकर कर्नाटक चली गई कि वहां एक पारिवारिक समस्या है, जिसे सुलझाना जरूरी है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी और न ही फरियादी से कोई संपर्क किया। लगातार संपर्क करने के प्रयासों के बावजूद जब कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो फरियादी को शक होना शुरू हुआ।
फोन कॉल से खुला राज
इसी दौरान फरियादी देवेंद्र राठौर को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने चौंकाने वाला खुलासा किया। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि नागवा पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। यही नहीं, उसने फरियादी से शादी करने के बाद कर्नाटक में एक अन्य व्यक्ति से भी विवाह कर लिया है। इस जानकारी के बाद फरियादी पूरी तरह स्तब्ध रह गया और उसे एहसास हुआ कि वह एक सुनियोजित धोखाधड़ी का शिकार हुआ है।
संगठित गिरोह चला रही थी आरोपी महिला
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी महिला अकेले यह अपराध नहीं कर रही थी, बल्कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चला रही थी। यह गिरोह ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जो विवाह के लिए परेशान रहते हैं और दलालों या बिचौलियों पर भरोसा कर लेते हैं। गिरोह शादी तय कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलता और फिर दुल्हन को फरार कर देता था।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी गिरफ्तार
फरियादी की शिकायत पर झाबुआ पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला नागवा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। साथ ही मंजू और गीता जैन की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है, जिन पर मध्यस्थ बनकर ठगी कराने का आरोप है।अन्य पीड़ितों से सामने आने की अपील
झाबुआ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह की वैवाहिक धोखाधड़ी का शिकार हुआ है, तो वह बिना डर पुलिस से संपर्क करे। पुलिस का कहना है कि इस तरह के गिरोह समाज में भरोसे को तोड़ते हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है।
समाज के लिए चेतावनी
यह मामला समाज के लिए एक चेतावनी है कि विवाह जैसे संवेदनशील विषय में किसी अनजान व्यक्ति या बिचौलिए पर आंख मूंदकर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि विवाह तय करने से पहले पूरी जानकारी, पहचान और दस्तावेजों की जांच अवश्य करें।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla



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