पेटलावद सिविल अस्पताल में हंगामा: ड्रेसिंग को लेकर ड्रेसर से मारपीट, अस्पताल में तोड़फोड़, पुलिसकर्मी से भी झूमाझटकी, 6 आरोपी गिरफ्तार
पेटलावद (जितेश विश्वकर्मा की रिपोर्ट)प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 5.45 बजे पेटलावद सिविल अस्पताल में नल्दी निवासी धर्मेंद्र पिता नंदलाल भाभर सड़क दुर्घटना में घायल अवस्था में इलाज के लिए पहुंचा था। उसके साथ उसके पांच साथी भी अस्पताल आए थे। प्राथमिक उपचार के दौरान ड्यूटी पर तैनात ड्रेसर रणजीत द्वारा घायल की ड्रेसिंग की जा रही थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर घायल अथवा उसके साथियों की ड्रेसर से कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि घायल युवक ने अचानक ड्रेसर रणजीत को थप्पड़ मार दिया।
ड्रेसर द्वारा इस व्यवहार का विरोध करने पर उसके साथ आए पांचों साथियों ने भी उग्र रवैया अपनाते हुए स्वास्थ्य कर्मियों के साथ जमकर विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि अस्पताल में रखे सामान के साथ तोड़फोड़ करते हुए कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की। इस घटना में ड्रेसर रणजीत बसोड तथा स्वास्थ्यकर्मी विष्णु भूरिया को चोटें आई हैं। दोनों का अस्पताल में ही उपचार किया गया।
घटना के दौरान अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया। कई मरीज उपचार छोड़कर बाहर निकल आए, वहीं कुछ देर के लिए अस्पताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं। अस्पताल स्टाफ का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कर्मचारियों का मनोबल तोड़ने वाली होती हैं और इससे स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा उत्पन्न होती है।
इसी बीच अस्पताल में मौजूद एक पुलिसकर्मी अजय ने स्थिति को संभालने और विवाद शांत कराने का प्रयास किया। लेकिन आरोपियों ने उसके साथ भी झूमाझटकी की और उसे डराने-धमकाने की कोशिश की। हालांकि, पुलिसकर्मी ने सूझबूझ से काम लेते हुए तुरंत थाना पेटलावद को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही सीबीएमओ डॉ. एम.एल. चोपड़ा स्वयं थाना पेटलावद पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट, तोड़फोड़ और पुलिसकर्मी से अभद्रता जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपों की विधिवत जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद अस्पताल स्टाफ में आक्रोश देखा गया। कर्मचारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए मांग की कि अस्पताल परिसर में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और आपातकालीन स्थितियों में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाए। स्टाफ का कहना है कि अक्सर मरीजों के परिजन इलाज के दौरान धैर्य खो देते हैं, जिससे विवाद की स्थिति बनती है, लेकिन हिंसा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।
वहीं स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी घटना की निंदा की है। उनका कहना है कि सिविल अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटनाएं समाज के लिए चिंताजनक हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उदाहरण प्रस्तुत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना की पूरी सच्चाई सामने आ सके। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी अपने स्तर पर रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दिया है।
कुल मिलाकर पेटलावद सिविल अस्पताल में हुई यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन और पुलिस इस मामले में कितनी सख्ती दिखाते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla


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