एकलव्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं का पैदल मार्च, कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़े
आदिवासी समाज संगठन के पदाधिकारी भी विद्यार्थियों के साथ, स्कूल से झाबुआ के लिए निकले छात्र-छात्राएं
पेटलावद (सम्यक दृष्टि, जितेश विश्वकर्मा) एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पेटलावद में शनिवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों से मिलने के लिए पैदल ही निकल पड़े। प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विद्यालय से निकले विद्यार्थियों को रोकने और समझाने के लिए स्कूल स्टाफ ने काफी प्रयास किए, लेकिन विद्यार्थी अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि वे अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर के सामने रखना चाहते हैं। इसके बाद विद्यार्थी झाबुआ की ओर पैदल रवाना हो गए।
घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 8 बजे छात्र-छात्राएं विद्यालय से निकले। देखते ही देखते विद्यार्थियों का समूह आगे बढ़ने लगा। प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जा रहे बच्चों को विद्यालय स्टाफ ने रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए। विद्यार्थियों का कहना था कि वे अपनी शिकायत स्वयं कलेक्टर को बताएंगे। इसी मांग को लेकर उन्होंने झाबुआ जाने का निर्णय लिया।
दो घंटे में तय कर ली करीब 10 किलोमीटर की दूरी
विद्यालय से निकलने के बाद छात्र-छात्राएं पैदल चलते हुए आगे बढ़ते रहे। सुबह करीब 10 बजे तक वे गोपालपुरा गांव को पार करते हुए लगभग 10 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके थे। रास्ते में कुछ विद्यार्थी पानी पीने के लिए पुराने बस स्टैंड स्थित प्याऊ पर रुके। इसके बाद उन्होंने पूर्वमुखी हनुमान मंदिर स्थित प्याऊ से भी पानी पिया। कुछ बच्चों ने अपनी पानी की बोतलों में पानी भरा और फिर झाबुआ की ओर रवाना हो गए।
विद्यार्थियों के इस तरह पैदल निकलने की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सक्रिय हुए। अधिकारियों ने रास्ते में कई स्थानों पर विद्यार्थियों को रोककर उनसे बातचीत करने तथा उनकी समस्याएं जानने का प्रयास किया।
एसडीएम से लेकर पुलिस अधिकारी तक समझाने में जुटे
विद्यार्थियों को समझाने के लिए एसडीएम रितिका पाटीदार, तहसीलदार यशपाल मुजाल्दे, बीईओ देवेंद्र ओझा, बीआरसी रेखा गिरी और पेटलावद थाना प्रभारी निर्भय सिंह भूरिया सहित अन्य अधिकारी प्रयास करते रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें समझाने और उनकी शिकायतों को सुनने का प्रयास किया।
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने रास्ते में करीब 10 से अधिक स्थानों पर विद्यार्थियों को समझाने की कोशिश की। इसके बावजूद छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत सीधे कलेक्टर के समक्ष रखने की मांग पर अड़े रहे। वे लगातार झाबुआ की ओर बढ़ते रहे।
इस दौरान एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्य प्रकाश कुमार ठाकुर भी विद्यार्थियों के साथ चल रहे थे। हालांकि, विद्यार्थियों के विरोध और पैदल मार्च के पीछे की सभी शिकायतों का विस्तृत विवरण फिलहाल सामने नहीं आया है।
आदिवासी समाज संगठन के पदाधिकारी भी साथ
विद्यार्थियों के साथ आदिवासी समाज संगठन के पदाधिकारी प्रेम सिंह भूरिया और धर्मेंद्र डामोर भी चल रहे हैं। दोनों पदाधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र के अन्य छात्रावासों की स्थिति भी चिंताजनक है और उनकी व्यवस्थाओं पर समुचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उनका आरोप है कि क्षेत्र के छात्रावासों में विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने व्यवस्थाओं की जांच कर विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कलेक्टर के सामने अपनी बात रखने पर अड़े विद्यार्थी
पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि विद्यार्थी अपनी शिकायत किसी अन्य माध्यम से रखने के बजाय सीधे कलेक्टर से मिलने की मांग कर रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से लगातार समझाइश दिए जाने के बावजूद वे अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।
फिलहाल विद्यार्थियों का पैदल मार्च और अधिकारियों की समझाइश का सिलसिला जारी रहा। छात्र-छात्राओं की शिकायतें क्या हैं, विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी प्रमुख आपत्तियां क्या हैं और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है, यह कलेक्टर के समक्ष उनकी बात पहुंचने तथा संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद स्पष्ट हो सकेगा।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla





0 टिप्पणियाँ