112 दिवसीय कठोर श्रेणी तप पूर्ण कर मंगलेश श्रीश्रीमाल, शकुंतला कांकरिया, सपना रूनवाल व साक्षी श्रीमाल ने की तप की अनुमोदनाश्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ने शॉल ओढ़ाकर व माला पहनाकर किया तपस्वियों का बहुमान, धर्मसभा में गूंजे जयकारे
थांदला (सम्यक दृष्टि, मिलिंद कोठारी) धर्मनगरी थांदला में जैन धर्म की तप, त्याग और संयम की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंगलेश श्रीश्रीमाल, शकुंतला कांकरिया, सपना रूनवाल एवं साक्षी श्रीमाल ने कठोर श्रेणी तप पूर्ण कर धर्मप्रेमी समाज को प्रेरणा दी। 112 दिवसीय इस कठिन तप में तीन तपस्वियों ने उपवास के माध्यम से तथा साक्षी श्रीमाल ने नीवीं तप की आराधना करते हुए अपनी तपस्या पूर्ण की। इस अवसर पर आयोजित बहुमान समारोह में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से सभी तपस्वियों का सम्मान किया गया। धर्मसभा में श्रावक-श्राविकाओं ने जयकारों के साथ तपस्वियों की अनुमोदना की।
आचार्य श्री उमेशमुनिजी म.सा. के सुशिष्य धर्मदास गणनायक प्रवर्तक श्री जिनेंद्र मुनिजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती तत्वज्ञ श्री धर्मेंद्र मुनिजी म.सा., रोचक वक्ता श्री संदीप मुनिजी म.सा. आदि ठाणा-8 तथा महासती श्री निखिलशीलाजी, श्री दिव्यशीलाजी आदि ठाणा-4 के पावन सानिध्य में यह तप आराधना संपन्न हुई। श्रेणी तप की 112 दिवसीय साधना में 84 दिन उपवास तथा 28 दिन पारणे के निर्धारित होते हैं। इस कठिन साधना को पूर्ण करना तपस्वियों की दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मबल और धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा का परिचायक है।
संयमी आत्माओं ने की तपस्वियों की अनुमोदना
बहुमान समारोह में तत्वज्ञ पूज्य श्री धर्मेंद्र मुनिजी म.सा. एवं रोचक वक्ता पूज्य श्री संदीप मुनिजी म.सा. ने तपस्या की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने समस्त तपस्वियों की साधना की अनुमोदना करते हुए उन्हें खूब-खूब धन्यवाद एवं साधुवाद दिया। मुनि एवं साध्वी मंडल ने तपस्वियों के परिवारजनों की भी सराहना की, जिन्होंने तपस्या के दौरान सहयोग प्रदान कर धर्म आराधना में सहभागी बनने का पुण्य अर्जित किया।
श्री संघ अध्यक्ष प्रदीप गादिया ने संघ की ओर से सभी तपस्वियों का अभिनंदन करते हुए उनकी तपस्या की अनुमोदना की। इस दौरान श्रेणी तप की तपस्वी स्वीटी जैन ने भी अनुमोदनार्थ अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन श्री संघ सचिव हितेश शाहजी ने किया।
धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया तप का अनुमोदना प्रसंग
तपस्या के उपलक्ष्य में पौषध भवन पर कांकरिया, रूनवाल एवं जैन इलेक्ट्रिकल परिवार की ओर से चौवीसी का आयोजन किया गया। साक्षी श्रीमाल की तपस्या के निमित्त जुहारमल श्रीमाल परिवार ने नवकार महामंत्र के जाप का आयोजन किया। वहीं द इंपीरियल परिवार की ओर से साक्षी श्रीमाल सहित समस्त श्रेणी तप के तपस्वियों की अनुमोदना में रात्रि संवर तप की आराधना करवाई गई। प्रभावना का लाभ प्रकाशचंद्र मेघसिंह रूनवाल परिवार ने लिया।
मधु लोढ़ा व मुक्ति रूनवाल ने किए 11-11 उपवास
तप आराधना के क्रम में मधु लोढ़ा एवं मुक्ति रूनवाल ने भी 11-11 उपवास की तपस्या पूर्ण की। समारोह में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ की ओर से सभी तपस्वियों को शॉल ओढ़ाकर एवं माला पहनाकर बहुमान किया गया। धर्मसभा में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने मुक्त कंठ से तपस्वियों के जयकारे लगाकर उनकी साधना के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। संपूर्ण आयोजन तप, त्याग, संयम और धर्म आराधना के प्रति समाज की आस्था का प्रेरक उदाहरण बना।
Dr.Talera's Multi-speciality Dental Clinic, Thandla




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