111 मीटर लंबी चुनरी लेकर 4 किलोमीटर निकली भव्य यात्रा, मां भद्रकाली को अर्पित की चुनरीक्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, नारायण राठौड़ परिवार ने भेंट किया 1.25 लाख रुपए का विशाल घंटापेटलावद (सम्यक दृष्टि, जितेश विश्वकर्मा) धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्साह के बीच चुनरी यात्रा समिति के बैनर तले नगर में 111 मीटर लंबी चुनरी यात्रा निकाली गई। स्थानीय नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से रायपुरिया मार्ग स्थित मां भद्रकाली माताजी मंदिर तक निकली यह यात्रा लगभग 4 किलोमीटर लंबी रही। बैंड-बाजों और ढोल की थाप के साथ निकली यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। यात्रा के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना के उद्देश्य से मां भद्रकाली को 111 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की गई। इस अवसर पर एक भक्त परिवार ने मंदिर में एक क्विंटल वजनी विशाल घंटा भी भेंट किया, जिसकी कीमत 1 लाख 25 हजार रुपए बताई गई।
नौ वर्षों से जारी है चुनरी यात्रा की परंपरा
पंडित नरेंद्र नंदन दवे के नेतृत्व में आयोजित इस धार्मिक यात्रा का यह नौवां वर्ष है। आयोजन समिति के पंडित पंकज दवे, विनोद पुरोहित, ललित भंडारी और आनंदीलाल मिस्त्री ने बताया कि मां भद्रकाली के प्रति श्रद्धा और विश्वास के साथ प्रतिवर्ष चुनरी यात्रा का आयोजन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करना है। इसी भावना के साथ इस वर्ष भी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक यात्रा में भाग लिया और मां के चरणों में 111 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की।
बैंड-बाजों के साथ निकली यात्रा, मातृशक्ति ने लिया उत्साह से भाग
नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई चुनरी यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रायपुरिया मार्ग स्थित भद्रकाली माताजी मंदिर पहुंची। यात्रा में बैंड-बाजों की मधुर धुन और ढोल की थाप के बीच श्रद्धालु भक्ति भाव से आगे बढ़ते रहे। महिलाओं सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की। तेज धूप और सूर्य के तीखे तेवर भी भक्तों की आस्था को डिगा नहीं सके। श्रद्धालुओं के लिए मार्ग में जगह-जगह शीतल जल की व्यवस्था की गई, जिससे यात्रा के दौरान उन्हें राहत मिलती रही।
महाआरती के बाद बांटा प्रसाद
मां भद्रकाली माताजी मंदिर पहुंचने पर विधि-विधान के साथ चुनरी अर्पित की गई। इसके पश्चात महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने शामिल होकर मां की आराधना की तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। महाआरती के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को खीर और खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया।
नारायण राठौड़ परिवार ने भेंट किया विशाल घंटा
इस धार्मिक आयोजन के दौरान नारायण राठौड़ परिवार ने मंदिर में एक क्विंटल वजनी विशाल घंटा भेंट कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस घंटे की कीमत 1 लाख 25 हजार रुपए बताई गई। श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक योगदान की सराहना की।
चुनरी यात्रा के इस आयोजन में औंकारसिंह मेड़ा, पंडित अशोक रामावत, संजय बैरागी रायपुरिया, राजू राठौड़, नरेंद्र मिस्त्री और ताराचंद राठौड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में भक्ति, सेवा और सामूहिक सहभागिता का वातावरण देखने को मिला।





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